लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली कटौती को लेकर योगी सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के चार अभियंताओं पर कार्रवाई की गई है। दो अधिशासी अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अधीक्षण अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि और एक मुख्य अभियंता को चेतावनी जारी की गई है।
ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने बताया कि 220 केवी मुरादनगर-बापूधाम लाइन के टावर संख्या 226 पर डेड एंड फिटिंग टूटने से मधुबन बापूधाम उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। जांच में सामने आया कि उपकेंद्र 8 मई से ही ब्रेकडाउन की स्थिति में था और केवल एक ही स्रोत से संचालित हो रहा था। इसके बावजूद भीषण हीटवेव के दौरान वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई।
गाजियाबाद और मेरठ के इंजीनियर सस्पेंड
मामले में गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राहुल को मेरठ मुख्यालय से संबद्ध भी किया गया है। दोनों अधिकारियों पर विभागीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
इसके अलावा अधीक्षण अभियंता रामानंद को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है, जिसे उनकी चरित्र पंजिका में दर्ज किया जाएगा। वहीं मुख्य अभियंता सत्येंद्र सिंह को चेतावनी जारी की गई है।
बिजली कटौती बना बड़ा सियासी मुद्दा
प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली कटौती अब राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। विपक्षी दलों के साथ-साथ भाजपा के कई विधायक भी अपने क्षेत्रों में खराब बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार और ऊर्जा विभाग पर सवाल उठा रहे हैं।
लखनऊ पूर्व से भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को पत्र लिखकर इंदिरा नगर, मुंशीपुलिया, लक्ष्मणपुरी, निशातगंज, गोमती नगर और कई अन्य इलाकों में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया है। इससे पहले सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह और लखनऊ उत्तर के विधायक नीरज बोरा भी बिजली संकट को लेकर शिकायत कर चुके हैं।
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सिद्धार्थनगर जिले में लंबी बिजली कटौती को लेकर बिजली निगम प्रबंधन को पत्र लिखा है। बसपा प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
ऊर्जा मंत्री बोले- रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली मांग
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच बिजली की औसत मांग करीब 13 हजार मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 30 हजार मेगावाट से अधिक हो गई है। इसके बावजूद सरकार पूरी क्षमता से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
बिजली कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से राहत
भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 30 जून तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस के नियमों में अस्थायी ढील देने का फैसला लिया है। इसके तहत लखनऊ क्षेत्र में कार्यरत एक्सईएन, एसडीओ, जूनियर इंजीनियर और संविदा कर्मचारियों को फिलहाल बायोमेट्रिक उपस्थिति से छूट दी गई है, ताकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रखी जा सके।
